यह हैं सुबह के 10 मंत्र, कोई 1 भी पढ़ लिया तो मिलेगी हर कार्य में सफलता

 यह हैं सुबह के 10 मंत्र, कोई 1 भी पढ़ लिया तो मिलेगी हर कार्य में सफलता


Mantra Benefits : सनातन हिंदू धर्म में मंत्रोच्चारण की परंपरा सदियों से चली आ रही है. पूजा-पाठ, यज्ञ और हवन से लेकर सभी धार्मिक अनुष्ठानों में मंत्रों का विशेष महत्व होता है. मंत्रों के जाप से न केवल देवी-देवता प्रसन्न होते हैं बल्कि इससे नकारात्मकता भी दूर होती है. ज्योतिष में तनावमुक्त जीवन और परेशानियों से मुक्ति के लिए भी मंत्रों को कारगर माना गया है.

अगर आप चाहते हैं हर दिन आपका शुभ और सफलतादायक हो तो बिस्तर से उठते ही अपने दोनों हाथों को आपस में रगड़ कर चेहरे पर लगाएं और दिए गए 10 मंत्रों में से किसी भी 1 मंत्र को बोलें। आपका दिन उन्नतिदायक और प्रसन्नतापूर्वक व्यतीत होगा। 


1 . ॐ मंगलम् भगवान विष्णु: मंगलम् गरूड़ध्वज:।

मंगलम् पुण्डरीकांक्ष: मंगलाय तनो हरि।।

 

2 . कराग्रे वसते लक्ष्मी: कर मध्ये सरस्वती।

करमूले गोविन्दाय, प्रभाते कर दर्शनम्।


3 . गुरुर्ब्रह्मा, गुरुर्विष्णु, गुरुर्देवो महेश्वर:।

गुरु साक्षात् परब्रह्मा तस्मै श्री गुरुवे नम:

 

4 . करारविन्देन पदारविन्दं, मुखारविन्दे विनिवेशयन्तम्।

वटय पत्रस्य पुटेशयानं, बालं मुकुन्दं मनसा स्मरामि।।


5 . राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमै: सहस्त्रनाम तत्तुल्यं श्री रामनाम वरानने।


6 . दक्षिणे लक्ष्मणो यस्त वामेच जनकात्मजा, 

पुरतोमारुतिर्यस्य तं वंदे रघुनंदम्।

 

7 . आपदा मम हरतारं दातारम् सर्व सम्पदाम् 

लोकाभिरामम् श्री रामम् भूयो भूयो नमाम्यहं।


8 . रामाय रामभद्राय रामचंद्राय वेधसे

रघुनाथाय नाथाय सीतापतये नम:।

 

9 . श्री रामचंद्र चरणौ मनसास्मरासि,

श्री रामचंद्र चरणौ वचसा गृणोमि।

श्री रामचंद्र चरणौ शिरसा नमामि,

श्री रामचंद्र चरणौ शरणम् प्रपद्धे:।।

 

10 . त्वमेव माता च पिता त्वमेव। त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव।

त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव। त्वमेव सर्वम् ममदेव देव।

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